मंगलवार 10 फ़रवरी 2026 - 13:22
इंक़ेलाबी नारों के ज़रिए क़ौम की शान दुनिया को दिखाएँ

हौज़ा / आयतुल्लाह दरी नजफ़ आबादी, नुमाइंदा-ए-वली-ए-फ़क़ीह ने 22 बहमन की राह-पैमाई में इमाम और शोहदा के आरमानों से तजदीद-ए-बैअत की अहमियत पर ज़ोर देते हुए अवाम से अपील की है कि इंक़िलाबी नारों की तकरार और पुरशकूह मौजूदगी के ज़रिए ईरानी क़ौम की मज़बूत इरादत को दुनिया के सामने पेश करें।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , 22 बहमन की राह-पैमाई में अवाम की पुरजोश शिरकत पर तअक़ीद करते हुए कहा,22 बहमन की दावत के लिए इंक़ेलाबी नारे दोहराने होंगे और दुगनी कोशिश के साथ अपनी शान-ओ-शौकत दिखानी होगी।

उन्होंने कहा, हम तमाम मुश्किलात पर फ़तह हासिल कर सकते हैं; सरफ़राज़ और बुलंद हौसला रहें। क़ौमें हिम्मत और बुलंद इरादे से ज़िंदा रहती हैं, और अल्हम्दुलिल्लाह हमारी शरीफ़ क़ौम भी मज़बूत इरादा, ऊँची हिम्मत पुख़्ता अज़्म और ख़ुदा व क़ियामत पर ईमान रखती है।

नुमाइंदा-ए-वली-ए-फ़क़ीह ने सूबा-ए-मरकज़ी और मुल्क के शोहदा का हवाला देते हुए कहा, मुझे तवक़्क़ो है कि कल एक बार फिर सूबा-ए-मरकज़ी, इसी साल 22 दी के मानिंद, और भी ज़्यादा शान-ओ-अज़मत के साथ हाज़िर होगा।

आयतुल्लाह दरी नजफ़ आबादी ने कहा: सूबे के 6200 से ज़्यादा शोहदा और मुल्क के दो लाख चालीस हज़ार से अधिक शोहदा आठ साला जंग के शोहदा से लेकर हालिया वाक़िआत के शोहदा तक की याद में हम सबको मैदान में उतरना चाहिए और अपनी बैअत की तजदीद करनी चाहिए।

उन्होंने इज़ाफ़ा किया,हमें अमरीका और इस्राईल को “न” कहना चाहिए और दस्तो़र-ए-असासी के उसूलों, इमाम और शोहदा के आरमानों से वाबस्तगी के लिए मज़बूत और साबित-क़दम क़दमों के साथ अपनी क़ुदरत दुनिया को दिखानी चाहिए।

आख़िर में उन्होंने दुआ की मुझे उम्मीद है कि अल्लाह अमरीका, इस्राईल और दूसरों के हुक्मरानों को शऊर, अक़्ल और इंसाफ़ अता करे, ताकि वे हमारी क़ौम और इलाक़े की दूसरी मुसलमान क़ौमों जैसे लेबनान और फ़िलस्तीन से अदावत छोड़ दें और क़ौमों को आज़ादी से अपने आरमानों की पैरवी करने दें।

टैग्स

आपकी टिप्पणी

You are replying to: .
captcha